Skip to main content

छाती में बलगम का इलाज गर्म तरल पदार्थ के सेवन से

छाती और गले में बलगम का घरेलू उपचार करने के लिए गर्म पेय पदार्थ का सेवन फायदेमंद होता है। गर्म पेय पदार्थों का सेवन बलगम साफ करने और सर्दी, जुकाम, खांसी जैसे लक्षणों को दूर कर तुरत राहत प्रदान करता है। हाइड्रेटेड रहने और गर्म पदार्थों का सेवन करने से बलगम पतला हो जाता है, जिससे बाहर निकलना आसान हो जाता है।

बलगम को बाहर निकालने के लिए निम्न तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद होता है, जैसे:

शोरबा या सूप (broths)
डिकैफ़िनेटेड टी (decaffeinated tea)
हर्बल चाय या अदरक, तुलसी, लौंग, इलायची, काली मिर्च वाली चाय
गर्म पानी
हल्दी वाला दूध,

Comments

Popular posts from this blog

ब्लड शुगर होने के ये रहे तीन कारण

सेहत का ध्यान देना हमारे लिए बेहद ही जरूरी है। अगर हम अपने शरीर और खाने पीने पर ध्यान नहीं देंगे, तो बीमारी हमारा पीछा करेगी ही। आज के समय में लोगों के लिए कई सारी चीजें अहम हो चुकी हैं, लेकिन जब स्वास्थ्य की बात आती है, तो वहां हम कहीं न कहीं संघर्ष करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हम यह तो सोचते हैं कि आने वाले समय में हमारे पास बंगला होगा, गाड़ी होगा और ढेर सारे पैसे होंगे। लेकिन यह नहीं पता कि हमारी सेहत किस तरह की होगी, क्योंकि हमने इस ओर ध्यान दिया ही नहीं है। यह तो लाजमी है कि जहां आप ध्यान नहीं देंगे, वह चीज या तो खराब हो जाएगी या आपसे दूर होती चली जाएगी। आपकी सेहत को लेकर भी यह नियम लागू होता है। शरीर पर ध्यान न देने की वजह से ही ब्लड शुगर और दूसरी बीमारियां होती हैं। 1. जंक फूड- फास्ट फूड, खूब दबाकर खाये होंगे आपने। ब्लड शुगर उसी का ही नतीजा है। अब भला ये भी कोई खाने की चीज है। लेकिन क्या करें चीभ पर कंट्रोल नहीं है। 2. अच्छा खाओगे और एक्सरसाइज करोगे तो चेहरा खिलेगा, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा। हम यह चाहते कहां हैं? हम तो यह चाहते हैं कि बैठे-बैठे हमारा सब काम हो जाए। अब बैठे-बैठे सब काम ...

इन दो चीजों के साथ मुली का सेवन न करें, होगा नुकसान

मुली का सेवन बहुत ही कम लोग करते हैं, लेकिन इसके फायदों के बारे में अवगत नहीं हैं। अकेले मुली कई रोगों के लिए गुणकारी है। इसे आप न केवल सलाद के रूप में खा सकते हैं बल्कि पराठा और दाल के रूप में भी सेवन कर सकते हैं। आपको बता है कि मूली सफेद, पिंक और काली आदि कई तरह का होता है, जो गर्मियों और सर्दियों में उगाया जाता है। सफेद मूली भारत में सबसे ज्यादा पाया जाता है। इसमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ है। यह मूली वास्तव में हमारे लिवर और पेट को साफ करने में मदद करता है, इस प्रकार यह डिटॉक्सीफाई भी करता है। काली मूली और इसकी पत्तियों का उपयोग पीलिया के इलाज के लिए किया जाता है, क्योंकि यह अतिरिक्त बिलीरुबिन से छुटकारा दिलाने में सहायता करता है। आपको बता दें कि पीलिया रोग का मुख्य कारण खून में बिलीरुबिन की मात्रा अधिक होना है। इन दो चीजों के साथ मुली का सेवन न करें 1. संतरा के साथ न खाएं मूली यदि आप मूली का सेवन कर रहे हैं, तो उसके साथ संतरा खाने से बचना चाहिए। इन दोनों का मिश्रण भी जहर से कम नहीं होता। इन्हें एक साथ खाने से न केवल पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं बल्कि आपका पेट खराब हो सकता है...

पिराप्योर इन्जेक्शन

पिराप्योर इन्जेक्शन का इस्तेमाल पार्किंसन रोग में अल्जाइमर रोग, स्ट्रोक , और याद्दाश्त खोने के इलाज में किया जाता है. It can also be used to treat age-related memory loss and head injury. यह तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संचार में सुधार करता है और मस्तिष्क की सुरक्षा करता है.