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Showing posts from February, 2023

ब्लड शुगर होने के ये रहे तीन कारण

सेहत का ध्यान देना हमारे लिए बेहद ही जरूरी है। अगर हम अपने शरीर और खाने पीने पर ध्यान नहीं देंगे, तो बीमारी हमारा पीछा करेगी ही। आज के समय में लोगों के लिए कई सारी चीजें अहम हो चुकी हैं, लेकिन जब स्वास्थ्य की बात आती है, तो वहां हम कहीं न कहीं संघर्ष करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हम यह तो सोचते हैं कि आने वाले समय में हमारे पास बंगला होगा, गाड़ी होगा और ढेर सारे पैसे होंगे। लेकिन यह नहीं पता कि हमारी सेहत किस तरह की होगी, क्योंकि हमने इस ओर ध्यान दिया ही नहीं है। यह तो लाजमी है कि जहां आप ध्यान नहीं देंगे, वह चीज या तो खराब हो जाएगी या आपसे दूर होती चली जाएगी। आपकी सेहत को लेकर भी यह नियम लागू होता है। शरीर पर ध्यान न देने की वजह से ही ब्लड शुगर और दूसरी बीमारियां होती हैं। 1. जंक फूड- फास्ट फूड, खूब दबाकर खाये होंगे आपने। ब्लड शुगर उसी का ही नतीजा है। अब भला ये भी कोई खाने की चीज है। लेकिन क्या करें चीभ पर कंट्रोल नहीं है। 2. अच्छा खाओगे और एक्सरसाइज करोगे तो चेहरा खिलेगा, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा। हम यह चाहते कहां हैं? हम तो यह चाहते हैं कि बैठे-बैठे हमारा सब काम हो जाए। अब बैठे-बैठे सब काम ...

इन दो चीजों के साथ मुली का सेवन न करें, होगा नुकसान

मुली का सेवन बहुत ही कम लोग करते हैं, लेकिन इसके फायदों के बारे में अवगत नहीं हैं। अकेले मुली कई रोगों के लिए गुणकारी है। इसे आप न केवल सलाद के रूप में खा सकते हैं बल्कि पराठा और दाल के रूप में भी सेवन कर सकते हैं। आपको बता है कि मूली सफेद, पिंक और काली आदि कई तरह का होता है, जो गर्मियों और सर्दियों में उगाया जाता है। सफेद मूली भारत में सबसे ज्यादा पाया जाता है। इसमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ है। यह मूली वास्तव में हमारे लिवर और पेट को साफ करने में मदद करता है, इस प्रकार यह डिटॉक्सीफाई भी करता है। काली मूली और इसकी पत्तियों का उपयोग पीलिया के इलाज के लिए किया जाता है, क्योंकि यह अतिरिक्त बिलीरुबिन से छुटकारा दिलाने में सहायता करता है। आपको बता दें कि पीलिया रोग का मुख्य कारण खून में बिलीरुबिन की मात्रा अधिक होना है। इन दो चीजों के साथ मुली का सेवन न करें 1. संतरा के साथ न खाएं मूली यदि आप मूली का सेवन कर रहे हैं, तो उसके साथ संतरा खाने से बचना चाहिए। इन दोनों का मिश्रण भी जहर से कम नहीं होता। इन्हें एक साथ खाने से न केवल पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं बल्कि आपका पेट खराब हो सकता है...

जोड़ों की समस्या से जुझ रहे हैं तो अपने खाने में शामिल करें ये 5 आहार

सर्दियों में हड्डियों में दर्द की शिकायत करने वालों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे मौसम हाथ में दर्द, कोहनी में दर्द और ज्यादातर घूटनों में दर्द होना चालू हो जाता है। अगर इसके कारणों की बात करें तो गाउट, जोड़ों के आसपास सूजन, कार्टिलेज का घिस जाना, कुछ संक्रामक रोग जैसे इन्फ्लूएंजा और हेपेटाइटिस आदि शामिल है। अगर आप जॉइंट पेन या जोड़ों की समस्या से ग्रसित हैं तो आपको कुछ आहारों का सेवन करना चाहिए। आइए जानते हैं उन्हीं आहारों के बारे में। अदरक चाय, सूप और मिठाइयों में स्वाद बढ़ाने के अलावा अदरक जोड़ों के दर्द के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है। टेस्ट-ट्यूब और जानवरों के अध्ययन में पाया गया है कि यह सूजन को कम कर सकता है। बादाम बादाम में बहुत सारे स्वस्थ वसा, फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और विटामिन ई पाये जाते हैं। बादाम को सर्दियों के मौसम में खाना काफी फायदेमंद माना जाता है। बादाम में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड सूजन और गठिया के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है। इसके अलावा बादाम सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी मदद कर सकता है। पपीता एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स...

ATORVASTATIN Tablet के बारे में जानकारी

Atorvastatin का उपयोग Atorvastatin का इस्तेमाल  रक्त में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर  में किया जाता है Atorvastatin कैसे काम करता है Atorvastatin ऐसे ऐंजाइम (एचएमजी-सीओए-रिडक्टेज) को अवरुद्ध करता है जिसकी आवश्यकता शरीर में कोलेस्टेरोल के निर्माण में होती है। इस प्रकार यह शरीर में कोलेस्टेरोल के स्तर को घटाता है। Common side effects of Atorvastatin सिर दर्द, पेट दर्द, कब्ज, Feeling sick, मांसपेशियों में दर्द, दुर्बलता, चक्कर आना, रक्त में ग्लूकोज के स्तर में वृद्धि

CLOPIDOGREL Tablet के बारे में जानकारी

Clopidogrel का उपयोग Clopidogrel का इस्तेमाल prevention of blood clots के रोकथाम में किया जाता है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक को दोबारा होने से और ह्रदय या रक्त वाहिकाओं से जुड़ी किसी जानलेवा बीमारी के खतरे को कम करती है। Clopidogrel कैसे काम करता है Clopidogrel प्लेटलेट्स को आपस में चिपकने से रोकता है जिससे रक्त के हानिकारक थक्कों का निर्माण कम हो जाता है। Common side effects of Clopidogrel खून निकलने की प्रवृत्ति बढ़ जाना

0.9% Sodium Chloride Injection in Hindi

0.9% Sodium Chloride Injection in Hindi दवा     0.9% Sodium Chloride Injection विवरण   प्रयोग   दुष्प्रभाव/साइड-इफेक्ट्स   सावधानियां   परस्पर प्रभाव   निषेध/कन्ट्राइंडिकेशन्स विवरण 0.9% Sodium Chloride Injection   कम कैल्शियम के स्तर ,  रक्त और तरल पदार्थ का नुकसान ,  सोडियम के निम्न स्तर ,  पोटेशियम के निम्न स्तर , मैग्नीशियम के निम्न स्तर और अन्य स्थितियों के उपचार के लिए निर्देशित किया जाता है। 0.9% Sodium Chloride Injection इस दवा गाइड में सूचीबद्ध नहीं किए गए उद्देश्यों के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। 0.9% Sodium Chloride Injection निम्नलिखित सक्रिय सामग्रियां शामिल करता है:  Sodium Chloride । यह इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है। 0.9% Sodium Chloride Injection के प्रयोगों, संयोजन, खुराक, दुष्प्रभावों और समीक्षाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी नीचे सूचीबद्ध की गयी है: प्रयोग 0.9% Sodium Chloride Injection  का प्रयोग निम्नलिखित बीमारियों, स्थितियों और लक्षणों के उपचार, नियंत्रण, रोकथाम और सुधार के लिए किया जाता है: कम कैल्श...

पिराप्योर इन्जेक्शन

पिराप्योर इन्जेक्शन का इस्तेमाल पार्किंसन रोग में अल्जाइमर रोग, स्ट्रोक , और याद्दाश्त खोने के इलाज में किया जाता है. It can also be used to treat age-related memory loss and head injury. यह तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संचार में सुधार करता है और मस्तिष्क की सुरक्षा करता है.

Myths and facts about green tea

सिमित मात्रा में ग्रीन टी का उपयोग शरीर के लिए लाभदायक होता है। लेकिन अधिकतर लोगों के मध्य यह धारणा होती है कि इसके अधिक प्रयोग से शरीर को अधिक लाभ होगा, जो कि पूर्णतया गलत है। इसके अधिक प्रयोग से शरीर में कई अन्य परेशानियां हो सकती है। इसके अलावा ग्रीन टी से जुड़ी ऐसी और भी कई बातें हैं जिन्हें आमतौर पर लोग सच मानते हैं। लेकिन ये बातें झूठ हैं। इससे सेहत को नुकसान भी हो सकता है। आइए जानते है ग्रीन टी से जुड़े 7 झूठ और उनके सच। Myth –  ग्रीन टी जितनी ज्यादा पिएंगे, उतनी जल्दी वेट लॉस होगा। Fact –  वेट लॉस के लिए दिन में तीन कप ग्रीन टी पीना पर्याप्त है। ज्यादा ग्रीन टी पीने से सिरदर्द या डायरिया हो सकता है। Myth –  सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीना फायदेमंद है। Fact –  ग्रीन टी में कैफीन होता है। इसे खाली पेट पीने से एसिडिटी हो सकती है। इसलिए दिन में पीना ज्यादा फायदेमंद है। Myth –  सामान्य चाय की तुलना में ग्रीन टी पीने से नींद पर कोई इफेक्ट नहीं होता। Fact –  ग्रीन टी के एक कप में 25 मिलीग्राम कैफीन होता है। ग्रीन टी पीने से भी रात की नींद खराब हो स...

बीमारियों से दूर रखने और इम्यूनिटी को बढ़ाए प्याज

बिगड़ती लाइफस्टाइल में हमने कुछ ऐसे तरीके अपना लिए हैं, जिनका हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। दोस्तों हम क्या खा रहें है, अगर इस चीज को लेकर थोड़ा जागरूक हो जाएं तो हम बहुत हद अपनी सेहत को ठीक रख सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं। अक्सर लोग प्याज से दूरी बनाकर रखते हैं। उन्हें लगता है कि इसे खाने से केवल मुंह में बास आती है और कुछ नहीं होता। ऐसे लोगों के बारे में यह कहा जा सकता है कि वे प्याज के फायदों से अनजान हैं। प्याज न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि अगर आप इसे सीमित मात्रा में कच्चा खाते हैं तो यह आपकी सेहत को भी सही रखेगा। लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इसका सेवन भी कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि प्याज इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए दैनिक जीवन में प्याज खाना बहुत जरूरी है। आप दोपहर में इसे सलाद के रूप में सेवन कर सकते हैं। कच्चा प्याज का सलाद बहुत लोगों को अच्छा भी लगता है। उनका मानना है कि प्याज का सलाद और उसपर डाली गई पुदीने की चटनी खाने के स्वाद को और बढ़ाती देती है। इससे दो रोटी और ज्यादा खाने का और मन करता है। कई एक्सपर्ट ने भोजन के साथ प्याज ख...

दूध की मलाई खाने के फायदे आँखों के लिए

ऑंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है इसलिए इनका ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। दूध की मलाई का सेवन करके आप आँखों में होने वाली सभी प्रकार की समस्याओं जैसे मैकुलर डिजनरेशन, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा आदि को दूर कर सकते हैं। मिल्क क्रीम में विटामिन ए अच्छी मात्रा में होता है जो आँखों में नमी बनाए रखने, रेटिना को स्वस्थ बनाने और आँखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है।

मलाई खाने के लाभ किडनी स्टोन को दूर करे

दूध की मलाई का सेवन करके किडनी संबंधित समस्याएं जैसे किडनी स्टोन आदि को ठीक किया जा सकता है। मलाई में कैल्शियम अच्छी मात्रा में होती है जो पथरी को होने से रोकने में मदद करता है। डॉक्टर भी किडनी स्टोन रोगी को डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करने की सलाह देता हैं। लेकिन ध्यान रखने की अधिक मलाई का सेवन आपकी पथरी की समस्या को बढ़ा भी सकता है, इसलिए इसका सेवन सीमित करें।

पैरों में ऐंठन होने का कारण

पैरों में ऐंठन होने की ज्यादातर स्थितियों में इसके कारणों का निर्धारण नहीं किया जा सकता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि मांसपेशियों की थकान (muscle fatigue) और नर्व डिसफंक्शन (nerve dysfunction) पैरों की ऐंठन को उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विभिन्न कारणों से पैर में ऐंठन उत्पन्न हो सकती हैं जैसे कि:

पैरों में ऐंठन के मेडिकल कारण

गर्भावस्था के साथ-साथ कुछ अन्य चिकित्सकीय स्थितियां भी आपके पैरों में ऐंठन होने का कारण बन सकती हैं, जिनमें शामिल हैं: एडिसन के रोग (Addison’s disease) शराब का दुष्प्रभाव (alcoholism) किडनी खराब (kidney failure) थायराइड रोग (thyroid diseases) पार्किंसंस रोग (Parkinson’s disease) टाइप-2 डायबिटीज (type 2 diabetes) सारकॉइडोसिस (sarcoidosis) सिरोसिस (cirrhosis) वैस्कुलर डिजीज (vascular disease) परिधीय धमनी रोग (पीएडी) मोटर न्यूरॉन रोग (motor neuron disease) रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) स्पाइनल स्टेनोसिस (spinal stenosis) गर्भावस्था (pregnancy) कुछ दवाओं के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी पैरों में ऐंठन उत्पन्न हो सकती है, जिनमें शामिल हैं: गर्भनिरोधक गोलियाँ (birth control pills) ड्यूरेटिक्स (diuretics) नेप्रोक्सन (naproxen (Aleve)) अस्थमा की दवा एल्ब्युटेरोल (albuterol) स्टेटिन (statins), इत्यादि।

पैर की ऐंठन दूर करने के घरेलू उपचार

पैरों में ऐंठन होने की स्थिति में कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इसे ठीक किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं: ऐंठन का कारण बनने वाली गतिविधि को कम करें। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज को अपनाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें और हाइड्रेट रहें। मैग्नीशियम युक्त आहार का अधिक सेवन करें। मांसपेशियों की मसाज या मालिश करें। ऐंठन होने तक पैर को खींची हुई स्थिति में रखें। ऐंठन प्रभावित क्षेत्र को एप्सम सॉल्ट मिले गर्म पानी से स्नान कराएं या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें। यदि आप ऐंठन बाद मांसपेशियों में दर्द का अनुभव करते हैं तो दर्द को कम करने के लिए मांसपेशियों पर आइस पैक का प्रयोग करें।

न्यूरोकाइंड सिरप की जानकारी

न्यूरोकाइंड सिरप का उपयोग मुख्यतः खून की कमी को दूर करने के लिए, बाल झड़ने से रोकने के लिए और तंत्रिका संबंधी विकारों के दर्द को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह दवा मल्टीविटामिन और मल्टीमिनरल्स का एक अद्वितीय संयोजन है। आइये इस ड्रग के बारे में और अधिक विस्तार से जानते हैं कि यह कहाँ इस्तेमाल होती है, कैसे काम करती है और इसके क्या साइड इफेक्ट्स होते हैं।     न्यूरोकाइंड सिरप का उपयोग निम्न लक्षणों  न्यूरोकाइंड सिरप में इस्तेमाल होने वाली सामग्री न्यूरोकाइंड सिरप कैसे काम करती है न्यूरोकाइंड सिरप के साइड इफेक्ट्स और नुकसान  न्यूरोकाइंड सिरप की पारस्परिक क्रिया न्यूरोकाइंड सिरप के इस्तेमाल में सावधानियां  न्यूरोकाइंड सिरप अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने पर होने वाले लक्षण

छाती में बलगम का इलाज गर्म तरल पदार्थ के सेवन से

छाती और गले में बलगम का घरेलू उपचार करने के लिए गर्म पेय पदार्थ का सेवन फायदेमंद होता है। गर्म पेय पदार्थों का सेवन बलगम साफ करने और सर्दी, जुकाम, खांसी जैसे लक्षणों को दूर कर तुरत राहत प्रदान करता है। हाइड्रेटेड रहने और गर्म पदार्थों का सेवन करने से बलगम पतला हो जाता है, जिससे बाहर निकलना आसान हो जाता है। बलगम को बाहर निकालने के लिए निम्न तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद होता है, जैसे: शोरबा या सूप (broths) डिकैफ़िनेटेड टी (decaffeinated tea) हर्बल चाय या अदरक, तुलसी, लौंग, इलायची, काली मिर्च वाली चाय गर्म पानी हल्दी वाला दूध,

सिरदर्द में पीना चाहिए अदरक वाली चाय

जब भी आपका सिर दर्द करे तो आप घरेलू उपाय में अदरक वाली चाय का सेवन करें। अदरक सिर दर्द दूर करने का सरल इलाज माना जाता है अदरक सिर दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए 1 घरेलू उपाय है। यह सिर में रक्त वाहिकाओं में आई सूजन को कम करने में मदद करता है और इस तरह सिर दर्द को कम कर सकता है। यह आपके शरीर की पाचन को उत्तेजित करता है और सिर दर्द के कारणों को दबाने का कार्य करता है। सिर दर्द दूर करने के लिए चाय में अदरक का रस या फिर खड़ी अदरक को कुचल कर उसमें थोड़ी मात्रा में नींबू का रस मिलाकर तैयार कर सकते हैं और इसे पी सकते हैं।

सिरदर्द में क्या नहीं खाना चाहिए

यदि आपको सिर दर्द हो रहा है तो इस दौरान निम्न चीजों का सेवन न करें। ये खाद्य पदार्थ आपकी परेशानी को और अधिक बढ़ा सकते है।   सिर दर्द में शराब न पियें सिरदर्द होने पर क्या नहीं करना चाहिए स्मोकिंग सिर दर्द में क्या नहीं खाना चाहिए हिस्टामाइन खाद्य पदार्थ

सिरदर्द होने के कारण

सर दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें शारीरिक परिवर्तन, अनुवांशिक कारण, अत्यधिक धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन, शरीर में पानी की कमी, अधिक देर तक सोना, आंखों में दर्द जैसे कई सामान्य कारण है जो सिर दर्द का कारण बन सकते हैं।

सिरदर्द में क्या खाना चाहिए सलाद

डिहाइड्रेशन की वजह से सिर दर्द होना सबसे आम कारण है। सिर दर्द को ठीक करने के लिए सलाद का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। सलाद में भरपूर मात्रा में पानी होता है। इसलिए इसका सेवन आपके शरीर में अपनी की कमी को पूरा करने में मदद करता है और आपको हाइड्रेट रहने में मदद करता है। सलाद में ककड़ी और पत्तो के सलाद में आप पालक आदि का इस्तेमाल करें।