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Myths and facts about green tea

सिमित मात्रा में ग्रीन टी का उपयोग शरीर के लिए लाभदायक होता है। लेकिन अधिकतर लोगों के मध्य यह धारणा होती है कि इसके अधिक प्रयोग से शरीर को अधिक लाभ होगा, जो कि पूर्णतया गलत है। इसके अधिक प्रयोग से शरीर में कई अन्य परेशानियां हो सकती है। इसके अलावा ग्रीन टी से जुड़ी ऐसी और भी कई बातें हैं जिन्हें आमतौर पर लोग सच मानते हैं। लेकिन ये बातें झूठ हैं। इससे सेहत को नुकसान भी हो सकता है।


आइए जानते है ग्रीन टी से जुड़े 7 झूठ और उनके सच।

Myth – ग्रीन टी जितनी ज्यादा पिएंगे, उतनी जल्दी वेट लॉस होगा।
Fact – वेट लॉस के लिए दिन में तीन कप ग्रीन टी पीना पर्याप्त है। ज्यादा ग्रीन टी पीने से सिरदर्द या डायरिया हो सकता है।

Myth – सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीना फायदेमंद है।
Fact – ग्रीन टी में कैफीन होता है। इसे खाली पेट पीने से एसिडिटी हो सकती है। इसलिए दिन में पीना ज्यादा फायदेमंद है।

Myth – सामान्य चाय की तुलना में ग्रीन टी पीने से नींद पर कोई इफेक्ट नहीं होता।
Fact – ग्रीन टी के एक कप में 25 मिलीग्राम कैफीन होता है। ग्रीन टी पीने से भी रात की नींद खराब हो सकती है।

Myth – एसिडिटी होने पर भी ग्रीन टी पी सकते हैं।
Fact – ग्रीन टी में भी टैनिन होता है। इससे एसिडिटी बढ़ने के चांस उतने ही रहते हैं जितने की सामान्य चाय पीने से। इसलिए तीन कप से ज्यादा ग्रीन टी न पिएं।

Myth – प्रेग्नेंसी में ज्यादा ग्रीन टी पीना फायदेमंद है।
Fact – ग्रीन टी में कैफीन व टैनिन्स होते हैं। इसे ज्यादा पीने से कैफीन का निगेटिव इफेक्ट हो सकता है।

Myth – ग्रीन टी जितनी पु नी होगी, उतनी फायदेमंद होगी।
Fact – छह महीने से ज्यादा रखे रहने पर ग्रीन टी की एंटीऑक्सीडेंट पावर कम हो जाती है। इसलिए इसे लंबे समय तक रखने से बचें।

Myth – ग्रीन टी का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

Fact – ज्यादा ग्रीन टी पीने से बॉडी में कैल्शियम का अब्जॉर्बशन पूरी तरह नहीं होता हैं। खून की कमी हो सकती हैं।

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